Class 10th Science Chapter-05 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण part -01 में हम निम्न महत्वपूर्ण हैडिंग का अध्ययन करेंगे:-
Table of Contents
Toggleतत्वों के वर्गीकरण के प्रारम्भिक प्रयास और अवश्यकता,
डोबराइनर का त्रिक सिद्धांत और सीमाए,
न्यूलैंड का अष्टक नियम और सीमाए, आदि |
हम आपसे ये गुजारिश करते है कि आप इन महत्व पूर्ण हैडिंग को अवस्य याद करे | क्यूंकि ये वो सभी हैडिंग है जो पिछले बहुत सालो के पेपर में रिपीट हुई है |
अगर आप इन्हें याद करके एग्जाम में बैठते है तो आप 90 % से अधिक अंक हासिल कर सकते है |
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Class 10th Science Chapter-05 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण part -01
तत्वों के वर्गीकरण के प्रारम्भिक प्रयास
जैसा की हम जानते है की इस दुनिया में तत्वों की संख्या बहुत अधिक है | इसलिए इनका अध्ययन करना इतना आसन नही है |अत: इनके अध्ययन के लिए इनका वर्गीकरण अति आवश्यक है |
प्रारम्भ में अनेक वैज्ञानिको ने इसके लिए अथक प्रयास किये | जिसके फलस्वरूप आज हम एक व्यवस्थित आवर्त सरणी प्राप्त कर सके|
आइये उन अथक प्रयासों पर प्रकाश डालते है –
डोबराइनर का त्रिक सिद्धांत
सन 1817 में वैज्ञानिक वुल्फगांग डोबेराइनर ने समान गुणधर्मो वाले तत्वों को तीन-तीन तत्वों के समूह में उनके परमाणु द्रव्यमान में वृद्धि के क्रमानुसार रखा और स्पष्ट किया कि
“प्रत्येक समूह में बीच वाले तत्व का परमाणु द्रव्यमान प्रथम और तृतीय तत्वों के परमाणु द्र्व्यमानो के योग का लगभग मध्यमान अर्थात औसत होता है ”
जैसे :-

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Class 10th Science Chapter-05 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण part -01
डोबे राइनर के त्रिक नियम की सीमाए
इस नियम की निम्नलिखित सीमाए थी:-
1-यह नियम कुछ ही तत्वों पर लागु हो सका |
2- बहुत सारे तत्वों के युग्म इसे देखे गये की उनमे यह नियम लागु तो होता है परन्तु पूर्ण रूप से नही |
न्यूलैंड का अष्टक नियम
डोबेराइनर के प्रयासों से सीखकर अलग अलग वैज्ञानिको ने तत्वों के गुणधर्मो का अध्ययन किया और तालिका बनाई | इनमे से एक वैज्ञानिक थे न्यूलैंड , जिन्होंने तत्वों को द्रव्यमान के अनुसार एसे रखा की प्रत्येक आठवा तत्व पहले तत्व से समानता प्रदर्शित करता है इसी कारण यह अष्टक नियम कहलाया |
जैसे :-

Class 10th Science Chapter-05 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण part -01
न्यूलैंड के अष्टक नियम की सीमाए
इस की निम्नलिखित सीमाए है –
1- यह नियम केवल कैल्सियम तक ही लागु हो सका उसके बाद आठवा तत्व पहले तत्व जैसी समानता प्रदर्शित नही कर रहा थादस |
2- न्यूलैंड सोचता था की प्रक्रति में 56 तत्व ही है, इसलिए उसने इसमें कोई भी विशेष स्थान आने वाले तत्वों के लिए नही छोड़ा था | जो की बाद में तत्वों के मिलने से चाहने लगा |
3 – यह नियम केवल हल्के तत्वों पर ही लागु हो सका इसलिए इस नियम को मान्यता नही दे सके |





