Excellent Shiksha class - 12th,विद्युत रसायन Class 12th Chemistry Chapter-03 विद्युत रसायन part -03

Class 12th Chemistry Chapter-03 विद्युत रसायन part -03


Class 12th Chemistry Chapter-03 विद्युत रसायन part -03

Class 12th Chemistry Chapter-03 विद्युत रसायन part -03 विद्युत रसायन का ही एक अहम् भाग है | अगर आप इस इकाई अथवा पाठ को अच्छे से अध्ययन करना चाहते है तो हम आपसे यही अनुरोध करते है कि आप इस बहुत बड़ी इकाई को छोटे छोटे part में पढ़े | यही वजह है कि हम आपको यहाँ पर part वाइज नोट्स Provide कर रहे है | इस part में जो भी महत्वपूर्ण हैडिंग है उन्हें जरूर याद करे | क्यूंकि ये ही आपको अच्छे मार्क्स प्राप्त करने में मदद करेंगी |

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What We Learn In This Part

इस भाग में हम बोर्ड में पूछे गये कम से कम 3 से 5 मार्क्स का अध्ययन करेंगे | अत: आप इन्हें ध्यान से पढ़े | अगर आप कुछ समस्या महसूस करते है तो आप हमे सम्पर्क कर सकते हो और आप Ask Question पर क्लिक करके प्रश्न भी पूछ सतके हो | हम आपसे ये गुजारिश करते है कि आप इन महत्वपूर्ण हैडिंग को अवस्य याद करेंगे  | क्यूंकि ये वो सभी हैडिंग है जो पिछले बहुत सालो के पेपर में रिपीट हुई है | अगर आप इन्हें याद करके एग्जाम में बैठते है तो आप 90 % से अधिक अंक हासिल कर सकते है |

Class 12th Chemistry Chapter-03 विद्युत रसायन part -03 में महत्वपूर्ण  Headings निम्नलिखित है | इन्हें अच्छे से याद करे | ये आपको अच्छे अंक दिलाने में मदद करेगी: 

  1. कोल राउस का नियम और इसके अनुप्रयोग
  2. फैराडे का प्रथम नियम
  3. फैराडे का द्वितीय नियम
  4. बेटरी और प्राथमिक व द्वितियिक सेल
  5. इंधन सेल और संक्षारण व इसके बचाव के उपाय
Class 12th Chemistry Chapter-03 विद्युत रसायन part -03

क्या जरूर्री है क्या नही  :-अच्छे से अच्छे अंक लाने के  लिए आपको बेहतर नोट्स एंड बेहतर क्लास लेनी चाहिये जो आपको बिलकुल फ्री में हम यहाँ पर दे रहे है |

अत: अच्छे से हमारी वेबसाइट https://excellentshiksha.com/ से पढे हम आशा करते है की आप बेहतर अंक प्राप्त करेंगे | 

कोल राउस का नियम और इसके अनुप्रयोग

कोल राउस का नियम :- इस नियम के अनुसार अनंत तनुता पर किसी विद्युत अपघट्य की मोलर चालकता उसके सभी धनायनो एवं ऋण आयनों की मोलर चालकताओ का योग होती है –

 

कोल राउस का नियम
 
 
कोल राउस के नियम के अनुप्रयोग :- इस नियम के निम्नलिखित अनुप्रयोग है – 
 1:- दुर्बल विद्युत अपघट्यो की अनंत तनुता पर मोलर चालकता की गणना करने में |
 2:- आयनिक गतिशीलता के मान की गणना करने में |
 3:- दुर्बल विद्युत अपघट्यो के वियोजन की मात्रा की गणना करने में |
 4:- अल्प विलय लवणों की विलेयता की गणना करने में |

फैराडे का प्रथम नियम

फैराडे के विद्युत अपघटन के नियम :- फैराडे ने प्रयोगों के आधार पर दो नियम प्रतिपादित किये जो निम्न प्रकार है – 
 
 1 :- फैराडे का प्रथम नियम :- इस नियम के अनुसार किसी विद्युत अपघटन के विलयन में कैथोड तथा एनोड पर मुक्त होने वाले पदार्थ की मात्रा,  विलयन की मात्रा के समानुपाती होती है |
अर्थात :- 
 यदि किसी विद्युत की मात्रा Q तथा इलेक्ट्रोड पर मुक्त पदार्थ की मात्रा w हो तब 
                                           w ⋉Q 
                                           w = z Q 
जहाँ z एक नियतांक है जिसे पदार्थ का विद्युत रासायनिक तुल्यांक भी कहते है परन्तु हम जानते है :-                             Q = i t 
                         अत:         w = zit 
यही फैराडे  के विद्युत अपघट्य विलयन से संबधित प्रथम नियम का गणितीय रूप है |
Class 12th Chemistry Chapter-03 विद्युत रसायन part -3

फैराडे का द्वितीय नियम

 2 :- फैराडे का द्वितीय नियम :- इस नियम के अनुसार जब विद्युत धारा की समान मात्रा विभिन्न विद्युत अपघट्यो के विलयन में से समान समय में प्रवाहित की जाती है , तो इलेक्ट्रोड पर मुक्त होने वाले भिन्न भिन्न पदार्थ की मात्रा उन पदार्थो के रासायनिक तुल्यानको के समानुपाती होती है| 

अर्थात   

फैराडे का द्वितीय नियम

बेटरी और प्राथमिक व द्वितियिक सेल

बैटरियां :- विद्युत रासायनिक सेल विद्युत उर्जा के श्रोत होते है तथा ये बैटरियो के रूप में उपयोग किये जाते है | ये दो प्रकार के होते है: – 
1 :- प्राथमिक सेल |
 2:- द्वितियिक सेल |
 
प्राथमिक सेल :- वे रासायनिक सेल जो केवल एक बार उपयोग किये जाते है |और उसके कुछ समय पश्चात ये कार्य करना बंद कर देते है ,  प्राथमिक सेल  कहलाते है | जैसे :- डेनियल सेल , शुष्क सेल आदि 
 
द्वितीयक सेल :- ये वे सेल होते है | जो एक बार उपयोग में लाने  के बाद फिर भी पुन: उपयोग में लाये जा सकते है |
 जैसे :- गैल्वेनिक सेल  , सीसा संचायक सेल निकिल कैडमियम के सेल 
 
इन्हें उत्क्रमणीय सेल  भी कहा जाता है इनका दोबारा से उपयोग इसलिए हो पता है,  क्योंकि इन्हें उत्क्रमणीय अभिक्रिया द्वारा पुन: आवेशित किया जा सकता है |

इंधन सेल और संक्षारण व इसके बचाव के उपाय

इंधन सेल :- ये सेल प्राथमिक सेल के समान होते है | इन सेलो में  इंधन को प्रयोग किये बिना ही रासायनिक उर्जा को विद्युत उर्जा में परिवर्तित किया जा सकता है | यह रूपांतरण इस  कारण  सम्भव है , क्योंकि दहन  अभिक्रिया भी  रेडॉक्स  अभिक्रिया के समान होती है | इसके अच्छे  उदाहरण  H2 , CO  CH4 , C3H8  है |
 
संक्षारण :-  धातुओ में ऑक्सीजन के दुस्प्रभाव को संक्षारण  कहते है | इसे आम बोलचाल की भाषा में जंग लगना कहते है|
 जैसे लोहे में वायु व नमी के कारण  जंग लगती है | ताम्बे में भी इसी प्रकार हरे रंग की जंग लगती है |
 

 इससे बचाव के उपाय :- 
            1:- धातुओ पर पेंट कर  दिया जाता है  |
            2:- किसी एनी धातु की परत चढ़ा दी जाती है जिसे गल्वेनिजेसन कहते है |
            3:- वायु व नमी से बचा कर  रखा जाता  है |

  आदि से किया जा सकता है 1

  
                      ………………………CHAPTER COMPLETE …………………

the end

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