Excellent Shiksha class - 12th,विद्युत् आवेश एवं विधुत क्षेत्र Class 12th Physics Chapter-01 (विद्युत् आवेश एवं विधुत क्षेत्र) part -02

Class 12th Physics Chapter-01 (विद्युत् आवेश एवं विधुत क्षेत्र) part -02


Class 12th Physics Chapter-01 (विधुत आवेश एवम विधुत क्षेत्र) part -02

Class 12th Physics Chapter-01 (विधुत आवेश एवम विधुत क्षेत्र) part -02  में हम निम्न महत्वपूर्ण हैडिंग का अध्ययन करेंगे:- 

विद्युत् द्विध्रुव ,
विद्युत् द्विध्रुव आघूर्ण,
विद्युत् द्विध्रुव के कारन विद्युत क्षेत्र की तीर्वता,
अक्षीय स्थिति में विद्युत् द्विध्रुव के कारन विद्युत क्षेत्र की तीर्वता,
निर्क्षीय स्थिति में विद्युत् द्विध्रुव के कारन विद्युत क्षेत्र की तीर्वता,
अक्षीय स्थिति में विद्युत् द्विध्रुव के कारन विद्युत क्षेत्र की तीर्वता,
एक समान विद्युत क्षेत्र में द्विधुर्व पर बल युग्म आघूर्ण,
एक समान विद्युत क्षेत्र में विद्युत द्विधुर्व को घुमाने में किया गया कार्य,
विद्युत द्विधुर्व की स्थितिज उर्जा , आदि |

हम आपसे ये गुजारिश करते है कि आप इन महत्व पूर्ण हैडिंग को अवस्य याद करे | क्यूंकि ये वो सभी हैडिंग है जो पिछले बहुत सालो के पेपर में रिपीट हुई है | 

अगर आप इन्हें याद करके एग्जाम में बैठते है तो आप 90 % से अधिक अंक हासिल कर सकते है | 

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#17:- विद्युत्  द्विध्रुव :- एक ऐसा निकाय जिसमे दो समान एवं  विपरीत प्रकति के आवेश एक दुसरे से अल्प दुरी पर स्थित हो  विद्युत्  द्विध्रुव कहलाता है | 

जैसे :- H Cl , HBr  , CO आदि |

विद्युत्  द्विध्रुव
 
#18 :- – विद्युत्  द्विध्रुव आघूर्ण :-  विद्युत्  द्विध्रुव में उपस्थित किसी एक आवेश व आवेशो के मध्य उपस्थित दुरी के गुणनफल को विद्युत्  द्विध्रुव आघूर्ण कहते है | इसे p से प्रदर्शित करते है |
अर्थात  p = q * (2 l )
                                                        राशी = सदिश 
                                                      दिशा  = ऋण आवेश से धन आवेश की और |

  #19 :- – विद्युत्  द्विध्रुव के कारण  विद्युत क्षेत्र की तीर्वता :- इसके कारन तीन स्थितियों में विद्युत क्षेत्र ज्ञात किया जाता है जो निम्न है :-
 1: – अक्षीय स्थिति में   ,  2:-निर्क्षीय स्थिति में    , 3:- किसी भी स्थिति में  |

1: – अक्षीय स्थिति में  विद्युत्  द्विध्रुव के कारन विद्युत क्षेत्र की तीर्वता:-

page1
page2
page3

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#20:-एक समान विद्युत क्षेत्र में द्विधुर्व पर बल युग्म आघूर्ण :– माना  एक द्विधुर्व को एक समान विद्युत क्षेत्र में ⁡ θ कोण बनाते हुए रखा गया है , तब इस पर चित्र अनुशार बल कार्य करते है | जिसके कारण इस पर बल युग्म लगता है |

एक समान विद्युत क्षेत्र में द्विधुर्व पर बल युग्म आघूर्ण
बलों द्वारा लगाया गया आघूर्ण = बल X बलों के बीच की दुरी                         
                                                  τ = F x 2l sin θ   
                                                    = q E x 2l sin θ
                                                  τ = pEsin θ     
   
विशेष स्थितिया :- 
1 :- जब  कोण का मान शून्य होगा तब बल आघूर्ण का मान भी शून्य होगा  | 
2:- जब कोण का मान 90 होगा तब बल आघूर्ण का मान अधिकतम होगा |
# 21:- एक समान विद्युत क्षेत्र में विद्युत द्विधुर्व को घुमाने में किया गया कार्य :- 
माना  एक द्विधुर्व विद्युत क्षेत्र में  θ कोण पर घुमाया गया  है | जो चित्र  प्रदर्शित किया गया है |
एक समान विद्युत क्षेत्र में विद्युत द्विधुर्व को घुमाने में किया गया कार्य
चूँकि बल आघूर्ण  नियत नही है , इसलिए dθ अल्प कोण के लिए बल आघूर्ण  नियत मान कर किया गया कार्य 
                                           किया  गया कार्य = बल आघूर्ण x d θ
                                                            dw = Txdθ  
                                                                 = p E sin θ x d θ
अत: कुल किया गया कार्य  समाकलन करके ज्ञात किया जा सकता है | इसलिए 
एक समान विद्युत क्षेत्र में विद्युत द्विधुर्व को घुमाने में किया गया कार्य
अत: किया गया कार्य उक्त सूत्र द्वारा ज्ञात किया जा सकता है | 
 
#22:- विद्युत द्विधुर्व की स्थितिज उर्जा ;- बल आघूर्ण द्वारा किया गया कार्य ही विद्युत स्थितिज उर्जा के रूप में संचित हो जाता है | इसे सामन्यत: निम्न सूत्र द्वारा ज्ञात किया जा सकता है |
U = – pE cosθ 
………………….. chapter end …………….
the end

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